चेन्नई, नवम्बर 4 -- मद्रास हाईकोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी भी सरकारी भूमि का उपयोग केवल किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और अगर कोई भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध है, तो वह सभी समुदायों के लिए समान रूप से खुली होनी चाहिए। यह फैसला न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामिनाथन ने उस मामले में सुनाया, जिसमें एक तहसीलदार ने एक हिंदू निवासी को सार्वजनिक मैदान पर अन्नदानम (भोजन वितरण) करने की अनुमति देने से मना कर दिया था। यह मैदान पिछले सौ वर्षों से केवल ईसाई समुदाय द्वारा उपयोग में लाया जा रहा था।अदालत की सख्त टिप्पणी बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायमूर्ति स्वामिनाथन ने कहा, 'जब जमीन सरकारी स्वामित्व की है तो उसे किसी भी धार्मिक या सामुदायिक पृष्ठभूमि के बावजूद सभी...