गोंडा, जून 21 -- नवाबगंज, संवाददाता। कस्बे में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में अयोध्या के कथा प्रवाचक राधेश्याम शास्त्री ने कहा कि भागवत महापुराण मनुष्यता और भगवत सत्ता के बीच का सेतु है। इसकी कथायें उत्प्रेरक हैं। कथा ने एक पुल बनाया तथा उसके द्वारा ईश्वर और मनुष्य को जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि भागवत में ईश्वर और मनुष्य के तत्त्वो को बताया गया है । कथा का विस्तार पूर्वक वर्णन करते हुए श्री शास्त्री ने कहा कि कंस के अत्याचार से संत्रस्त होने के बाद देवताओं तथा ब्रह्मा ने मिलकर जब प्रेमपूर्वक ईश्वर की प्रार्थना की तब अन्त में आकाशवाणी हुई।भगवान् श्री कृष्ण ईश्वर हैं तथा ईश्वर ने आकाशवाणी में कहा - देवताओ मत डरो मत,यहाँ पर समस्या कंस को मारने की है। किन्तु प्रश्न यह है कि बिना संसार में आए क्या ईश्वर कंस को मार सकता था कि नहीं ? अगर...
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