दुमका, नवम्बर 19 -- सरैयाहाट, प्रतिनिधि। सरैयाहाट -जमुआ गांव में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ में कथा वाचक पंडित रवि रंजन शास्त्री ने कथा के चौथे दिन भगवान कृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया जिससे श्रोता आनंन्दित हो उठे। कहा कि जब जब घरती पर पाप बढा है व पापियों का आतंक बढ़ा है तब तब ईश्वर विभिन्न रूपों में पापियों का नाश करने के लिए अवतार लेते आ रहे हैं। उन्होंने प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि की घनघोर अंधेरी आधी रात को रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के कारागार में वासुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया।‌ यह तिथि उसी शुभ घड़ी की याद दिलाती है और सारे देश में जन्माष्टमी बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। कहा कि द्वापर युग में भोजवंशी राजा उग्रसेन मथुरा में राज्य करता था। उसके आततायी पुत्र कंस ने ...