गोरखपुर, फरवरी 23 -- कौड़ीराम, हिन्दुस्तान संवाद। कौड़ीराम क्षेत्र के बसावनपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक आचार्य विनोद ने श्रद्धालुओं को भक्ति और विश्वास का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि "सांस शरीर को चलाता है और विश्वास संबंधों को चलाता है। सरल, सहज होकर ईश्वर में पूर्ण विश्वास ही सच्ची भक्ति है।" कथा प्रसंग में उन्होंने बताया कि द्रौपदी की करुण पुकार पर द्वारिकाधीश ने उनकी लाज बचाई। हस्तिनापुर की सभा में जब दुश्शासन द्वारा उनके वस्त्र खींचे जा रहे थे, तब उन्होंने पूर्ण विश्वास और समर्पण के साथ भगवान को पुकारा। भक्त की सच्ची पुकार सुनकर भगवान स्वयं उसकी रक्षा करते हैं। आचार्य विनोद ने कहा कि मनुष्य की मानसिकता ही उसके जीवन की दिशा तय करती है। कोई दूसरों की थाली से छीनकर खाने में शान समझता है, तो कोई अपनी थाली से दूस...