रामगढ़, फरवरी 15 -- रामगढ़, निज प्रतिनिधि ब्रज गोपिका सेवा मिशन की ओर से छावनी फुटबॉल मैदान में आयोजित 21 दिवसीय प्रवचन श्रृंखला के 16वें दिन रविवार को पूज्य डॉ स्वामी युगल शरण ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ईश्वर प्राप्ति के तीन मार्ग-कर्म, ज्ञान और भक्ति बताए गए हैं, लेकिन वास्तविक लक्ष्य की प्राप्ति केवल भक्ति मार्ग से ही संभव है। उन्होंने कहा कि कर्म मार्ग अपनाने वाला कर्मी, ज्ञान मार्ग अपनाने वाला ज्ञानी और भक्ति मार्ग अपनाने वाला भक्त कहलाता है, परंतु कर्म और ज्ञान दोनों को पूर्णता तभी मिलती है जब वे भक्ति से जुड़े हों। स्वामी जी ने स्पष्ट किया कि केवल कर्म करने से कर्मी और केवल आत्मज्ञान प्राप्त करने से ज्ञानी अपने अंतिम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकते। सगुण साकार भगवान की भक्ति से ही कर्मी कर्मयोगी और ज्ञानी ब्रह्मज्ञानी बन स...