दुमका, नवम्बर 18 -- सरैयाहाट प्रतिनिधि। सरैयाहाट के जमुआ गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित रवि रंजन शास्त्री जी ने कहा कि ईश्वर को पाना है तो भागवत कथा एक सहज मार्ग है।‌ इसके लिए इस शरीर को ईश्वर पर विश्वास कर उसके अधिन कर दें। क्रोध, कपट, झुठ, लोभ,अहंकार, भोग से परहेज करने की जरूरत है। भगवान की कथा धन से नहीं मन से होती है। कहा कि जहां भी भागवत कथा हो,वहां जाकर भगवान की कथा का श्रवण करें। कीर्तन, भजन व सत्संग की जड़ी बूटी प्रतिदिन लेते रहे एक दिन ऐसा आएगा भगवान की कृपा आप स्वत: महसूस करने लगेंगे। आप खुद को आनन्द महसूस करने लगेंगे। उन्होंने कहा कि मन को अपने बस में रखें, व्यर्थ का न ही किसी का निंदा व शिकायत करें, न ही किसी की निंदा शिकायत सुने।‌ उन्होंने कहा कि भागवत पुराण में चार प्रकार की स...