प्रयागराज, अक्टूबर 10 -- बहरिया। चकिया धमौर के जिस स्कूल के गेट के गिरने से खेलते वक्त गांव के सात वर्षीय ईशू की जान चली गई, उस गेट को दूसरे दिन गुरुवार को घरवालों की पथराई आंखें देखती रह गईं। ईशू की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता के गले से आवाज नहीं निकल रही है। हर दिन ईशू उसी घर से उसी रास्ते से पिता के साथ टहलने जाता था लेकिन किसे पता था कि बुधवार को उसकी आखिरी सैर होगी। ईशू के पिता मनोज पाल बीमार हैं, वह गरीब हैं और रोज मजदूरी करके अपने परिवार का पेट भरते हैं। गांव के विकास के लिए सरकार तमाम योजनाएं संचालित कर रही है लेकिन अब तक जागरूकता का अभाव है। अभी कुछ साल पहले योजना के तहत हर घर शौचालय बनवाने का बड़ा अभियान चला, लेकिन इससे अंजान गरीब परिवार ने इसके लिए आवेदन नहीं किया। ईशू की मां कांति देवी ने रोते हुए बताया कि वो बहुत गरीब है...
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