सिद्धार्थ, मई 30 -- सिद्धार्थनगर, हिन्दुस्तान टीम। ईरान व ईराक में मुसलमानों के धार्मिक स्थलों के 21 दिवसीय जियारत (दर्शन) के लिए जायरीनों का समूह हल्लौर गांव से रवाना हुआ था। गुरुवार को वापस घर लौटने पर गांव के लोगों ने उनसे मिलकर गले में फूल माला डाली और खुशी का इजहार किया है। इस अवसर पर मजलिस का आयोजन किया गया। हल्लौर स्थित वक्फ बोर्ड शाह आलमगीर सानी इमामबारगाह में आयोजित मजलिस की मर्सिया शाहिद आलम व साथियों ने पढ़ी। मौलाना अली अब्बास जैनबी ने कहा कि इस्लाम धर्म अपने वसूलों के जरिए दुनिया में फैला हुआ है। इसको दुनिया में रहने वाले लोगों के बीच फैलाने में पैग़म्बरे रसूल हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल के बाद हज़रत अली अस, इमाम हुसैन अस व बीबी फातिमा आदि ने भी अपना योगदान दिया है। इनकी शहादत के बाद ईरान और ईराक में बनी कब्रगाह को रौजा बनाया गया...
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