रांची, दिसम्बर 3 -- रांची। जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (एक्सआईएसएस) ने बुधवार को संत फ्रांसिस जेवियर का फीस्ट पर्व मनाया। संत फ्रांसिस जेवियर 1542 में ईश्वर का वचन फैलाने के लिए भारत आए थे और उन्होंने अपने मिशनरी काम में लगभग एक दशक लगा दिया। जेसुइट और जेवियर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के लिए, सेंट फ्रांसिस जेवियर एक संरक्षक, गाइड और प्रेरणा के रूप में हैं। उनका जीवन उत्कृष्टता, ईमानदारी, न्याय, विश्वास और मानवता की सेवा के मुख्य जेसुइट मूल्यों को दर्शाता है। उनके पवित्र अवशेष गोवा में बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस में रखे गए हैं। संस्थान में आयोजित प्रार्थना सभा में निदेशक डॉ जोसफ मरियानुस कुजुर ने संत फ्रांसिस जेवियर के जीवन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम खुद को बेहतर बनाने और प्रभु की महिमा के लिए बेहतरीन काम क...