मुजफ्फरपुर, जनवरी 10 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत नियोजित शिक्षक एवं प्रधानाध्यापकों ने ईपीएफ अंशदान में अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्रधान सचिव को संयुक्त आवेदन भेजा है। 189 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रधान सचिव को आवेदन भेजकर ईपीएफ में 1952 की धारा 6 के अनुपालन की मांग की है। शिक्षकों ने कहा है कि राज्य सरकार ने वर्ष 2002 से नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्तें निर्धारित की है। वर्ष 2015 में वेतनमान तथा 2017 में पुनरीक्षित वेतनमान लागू होने के बाद शिक्षकों का वैध मूल वेतन एवं महंगाई भत्ता Rs.वर्तमान में बढ़कर 1 जनवरी 2025 से Rs.31,340 हो चुका है। इसके बावजूद विभाग द्वारा ईपीएफ कटौती केवल 15,000 की काल्पनिक परिलब्धि पर की जा रही है, जो अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है।

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