कौशाम्बी, सितम्बर 3 -- कर्बला के शहीदों की याद में सवा दो महीने तक चले गम के बाद मंगलवार को शिया समुदाय ने ईद-ए-जहरा का पर्व खुशियों के साथ मनाया। नये कपड़े पहने और जगह-जगह महफिलों का आयोजन करके ईदे जहरा का जश्न मनाया। लोगों ने एक-दूसरे को ईद-ए-जहरा की मुबारकबाद दी। खुश रंग विशेषकर लाल लिबास पहने और घरों में महिलाओं ने तरह-तरह के पकवान बनाए। मोहर्रम का चांद दिखते ही शिया समुदाय के लोगों ने काले वस्त्र धारण कर लिए थे। इस दौरान किसी ने न तो खुशी मनाई और न ही खुशी के किसी कार्यक्रम में शरीक हुए। चांद दिखने के बाद से ही महिलाओं ने चूड़ियां और शृंगार करना छोड़ दिया था। दो महीने आठ दिन के गम के सिलसिले के बाद शिया समुदाय ने ईद ए जहरा की खुशियों को एक दूसरे से साझा किया। मनौरी गांव में आयोजित महफिल में शायरों ने अपने कलाम पेश किए और मौलाना ने तकरीर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.