नई दिल्ली, मई 3 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र समेत पूरे देश में ईंट-भट्ठों का संचालन करने वाले अब कोई जानकारी नहीं छिपा सकेंगे। उन्हें ईंट-भट्ठों का पूरा ब्योरा एक बड़ा बोर्ड लगाकर देना होगा। बोर्ड में भट्ठे के स्थान से लेकर मिट्टी के खनन तक की जानकारी देनी होगी। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस आशय से जुड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि देशभर में ईंट-भट्ठों को वायु प्रदूषण की बड़ी वजह माना जाता है। भट्ठों में ईंटों को पकाने के लिए लकड़ी, कोयले से लेकर प्लास्टिक और कचरे तक का इस्तेमाल किया जाता है। इससे वायु प्रदूषण होता है। इसे रोकने के लिए कई सालों से प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें ईंट-भट्ठों को जिग-जैग तकनीक आधारित करने या पीएनजी गैस ईंधन पर स्थानांतरित किए जाने जैसे प्रयास शामिल ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.