गोरखपुर, नवम्बर 7 -- फ्लाई ऐश से लेकर सीमेंट ईंट के बढ़ते चलन के बीच लाल ईंट के कारोबारी मुश्किल में हैं। प्रदूषण विभाग से लेकर राज्यकर विभाग द्वारा शिकंजा तो कसा ही जा रहा है, मजदूरों को लेकर भी मुश्किलें हैं। श्रम विभाग की कार्रवाई ने भी कारोबारियों की मुश्किलों को बढ़ाया है। जीएसटी काउंसिल द्वारा 22 सितम्बर से लागू जीएसटी के नये स्लैब से भी ईंट भट्ठा कारोबारियों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। ईंट पर 6 से लेकर 12% तक जीएसटी वसूला जा रहा है। वहीं कोयला पर जीएसटी 5% से बढ़ाकर 18% करने से ईंट की निर्माण लागत भी बढ़ गई है। ऐसे में ईंट की कीमतों में बढ़ोतरी को तय माना जा रहा है। ईंट भट्ठा कारोबारियों का दावा है कि जिले में 425 ईंट भट्ठा के जरिए 1.20 लाख लोगों को सीधा रोजगार मिल रहा है, लेकिन सरकार भट्ठा मालिकों के उत्पीड़न का कोई मौका नहीं छो...
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