चतरा, जुलाई 11 -- चतरा प्रतिनिधि इस वर्ष जून माह में इतनी बारिश हुई कि पिछले 15 वर्षों के सारे रिकार्ड को तोड़ दिया है। वैसे जून माह को वर्षा का महत्वपूर्ण महीना माना जाता है, जो मानसून की शुरुआत का प्रतीक है। इस दौरान होने वाली वर्षा न केवल फसलों, जलस्रोतों और पर्यावरण पर गहरा प्रभाव डालती है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन और मौसमी पैटर्न में बदलाव के संकेत भी देती है। इस वर्ष, जून में हुई वर्षा ने नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि जलवायु परिवर्तन हमारे जीवन को किस प्रकार प्रभावित कर रहा है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि वर्ष 2011 में 212 मिमी की वर्षा रिकॉर्ड की गई थी, जो उस समय के लिहाज से अत्यधिक थी। इसके बाद, 2020 और 2021 में क्रमश: 160.9 मिमी और 200.9 मिमी की वर्षा हुई, जो सामान्य से काफी अधिक थी। लेकिन वर्ष 2025 मे...
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