संतोष चमोली, दिसम्बर 5 -- निर्वाचन आयोग उत्तराखंड में एसआईआर से पहले प्री-एसआईआर अभियान चलाएगा, लेकिन बड़े पैमाने पर हुआ पलायन एसआईआर के लिए बड़ी चुनौती साबित होने वाला है। पहाड़ों में खाली हुए गांव हों या मैदानी क्षेत्र, जहां दस साल में मतदाताओं की संख्या में बड़ा बदलाव हुआ है। यहां वोटरों के साथ बीएलओ को भी चुनौती से जूझना पड़ेगा। एसआईआर में ऐसी शादीशुदा महिलाओं को खुद को मायके से साबित करना होगा। एसआईआर में ऐसी महिलाएं भी चुनौती होगी, जिनका मायका नेपाल है। अभी प्री-एसआईआर में बीएलओ अपनी पहुंच हर मतदाता तक बनाएगा। लेकिन, उत्तराखंड के खाली हो चुके गांवों में मतदाता के सत्यापन को लेकर बीएलओ को माथापच्ची करनी होगी। खासतौर पर राज्य से बाहर जा चुके लोगों से संपर्क और प्रमाण जुटाना भी चुनौती से कम नहीं होगा। उत्तराखंड से पहले जिन राज्यों में ...