फरीदाबाद, फरवरी 20 -- फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला समापन की ओर अग्रसर है। ऐसे में पर्यटक देश एवं विदेशी हस्तशिल्प कलाओं को अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं। इस्वातिनी से आए हस्तशिल्पी रसेल शाबांगु कियात की लकड़ी से बने कई तरह के बर्तन को लेकर मेले में पहुंचे हैं। यह बर्तन वहां की संस्कृति एवं सभ्यता को दर्शाते हैं। पर्यटक रसेल के हस्तशिल्प कला की ओर विशेष रूप से आकर्षित हो रहे हैं। रसेल के अनुसार इस्वातिनी प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में हैं। इसके चलते वहां के लोग प्रकृति पर निर्भर रहते हैं। वह अपने साथ बर्तनों के अलावा विभिन्न तरह के आभूषण भी लेकर पहुंचे हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। रसेल शाबांगु के अनुसार पहली बार अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में आने का अवसर मिला। भारतीय संस्कृति एवं सभ्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.