नई दिल्ली, फरवरी 8 -- बांग्लादेश में जुलाई 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह ने शेख हसीना की 15 वर्षों पुरानी सत्ताधारी सरकार को उखाड़ फेंका और देश में एक ऐतिहासिक राजनीतिक संक्रमण की शुरुआत की। हालांकि, बीआरएसी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड डेवलपमेंट (BIGD) की नई रिपोर्ट 'विच्छेद, सुधार और लोकतंत्र की पुनर्कल्पना: संक्रमण की पीड़ा से निपटना' (Rupture, Reform, and Reimagining Democracy: Navigating the Agony of Transition) के अनुसार, इस विद्रोह के बाद कोई गहरा संरचनात्मक परिवर्तन नहीं आया, बल्कि राजनीतिक शून्यता में इस्लामी राजनीति का तेजी से उदय हुआ है। रिपोर्ट के लेखकों में से एक डॉ मिर्जा एम हसन ने निष्कर्षों की व्याख्या करते हुए कहा कि विद्रोह के बाद वह गहन संरचनात्मक बदलाव नहीं हुआ, जिसकी बहुत से लोगों को उम्मीद थी। हसन ने कहा कि हमने ...
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