रांची, नवम्बर 11 -- रांची, संवाददाता। कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करने में अभी भी स्टील इंडस्ट्री काफी पीछे है। भारत ने 2030 तक कार्बन सघनता में 45 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य तय किया है, लेकिन स्टील उद्योग के लिए यह चुनौती बड़ी बनी हुई है। हम सभी को मिलकर ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के प्रयास तेज करने होंगे। पर पिछले बीस वर्षों में स्टील सेक्टर कार्बन सघनता में केवल 16 प्रतिशत की ही कमी ला सका है। इसलिए यह क्षेत्र अभी भी लक्ष्य से काफी पीछे है। यह बातें पूर्व केंद्रीय इस्पात सचिव संजय सिंह ने मंगलवार को बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कही। वे श्यामली कॉलोनी स्थित मेकॉन कम्युनिटी हॉल में मेकॉन द्वारा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स झारखंड के सहयोग से लौह व इस्पात उद्योग: दक्षता एवं निरंतरता बढ़ाना आयरन एंड स्टील इंडस्ट्री: एनहांसिंग एफिशिएंसी एंड...
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