नई दिल्ली, मई 9 -- दिल्ली हिंसा नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को फरवरी 2020 की हिंसा से जुड़े एक मामले में पूर्व कांग्रेस पार्षद इशरत जहां को दी गई जमानत के खिलाफ याचिका पर सत्र अदालत का रिकॉर्ड तलब किया है। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति शैलेन्द्र कौर की पीठ ने कहा कि डिजिटल फॉर्म में सुनवाई अदालत रिकॉर्ड मंगाया जाए। पीठ ने इशरत जहां की जमानत के खिलाफ वर्ष 2022 में दायर याचिका पर अगली सुनवाई 18 जुलाई की तारीख तय की है। फरवरी 2020 की साम्प्रदायिक हिंसा की कथिततौर पर मास्टरमाइंड होने के कारण इशरत जहां व कई अन्य लोगों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस हिंसा में 53 लोग मारे गए थे, जबकि 700 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।
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