ग्रेटर नोएडा, मार्च 13 -- हलाहाबाद हाई कोर्ट ने जेपी एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) को आवंटित एक हजार हेक्टेयर जमीन रद्द करने के यमुना विकास प्राधिकरण के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट ने इस जमीन पर प्रस्तावित सभी 14 परियोजनाओं से जुड़े 9 हजार से ज्यादा खरीदारों के आवास प्राधिकरण को तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपने का आदेश दिया। खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2020 से अब तक के समय को शून्य काल घोषित किया गया है। दरअसल, वर्ष 2009-10 में यमुना प्राधिकरण ने जेएएल की सहायक कंपनी जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स को स्पोर्ट्स सिटी के विकास के लिए विशेष विकास क्षेत्र (एसडीजेड) योजना के तहत 1000 हेक्टेयर भूमि आवंटित की थी। इस परियोजना में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट शामिल है,...
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