सहारनपुर, जनवरी 21 -- जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने बिना मान्यता वाले मदरसों के संचालन को वैध बताए जाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि यह फैसला भारतीय संविधान की सर्वोच्चता और संवैधानिक मूल्यों की स्पष्ट जीत है। मंगलवार को मीडिया में जारी बयान में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि हाईकोर्ट ने मदरसों के संबंध में अपना नजरिया साफ कर दिया है। कहा कि फैसले से अब स्पष्ट हो गया है कि केवल मान्यता न होने के आधार पर किसी मदरसे को बंद कराना, उसमें सील लगाना या वहां दी जा रही दीनी तालीम को रोकना कानूनन गलत है। कहा कि अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि उत्तर प्रदेश के मदरसा नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत प्रशासन गैर मान्यता प्राप्त मदरसे को बंद कर सकें। मदनी ने बताया कि जमीयत श्रावस्ती जिले के 30 मदरसों ...
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