गोरखपुर, मार्च 12 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। इलाज में लापरवाही और दवाओं का सही तरीके से सेवन न करने के कारण टीबी और खतरनाक हो रही है। इसके कारण ड्रग-प्रतिरोधी टीबी (एमडीआर-टीबी और एक्सडीआर-टीबी) के मामले बढ़ रहे हैं। यह अध्ययन क्यू-2 स्तर के जर्नल 'स्प्रिंगर नेचर के करंट माइक्रोबायोलॉजी में मार्च महीने में प्रकाशित हुआ है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के वैज्ञानिकों ने मिलकर यह शोध किया है। यह शोध पूर्वांचल के सात जिलों (गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर और बस्ती) में किया गया है। इसके लिए नमूने नवम्बर 2023 से मई 2024 के बीच लिए गए। शोध में पता चला कि कई मरीजों पर टीबी की दवाएं असर नहीं कर रही हैं, क्योंकि बैक्टीरिया इन दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो गए हैं। बीआरडी मेडिकल ...
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