हल्द्वानी, अप्रैल 7 -- हल्द्वानी। आज के दौर में लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं और इलाज के लिए एलोपैथी के बजाय आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक इलाज की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। इस बदलते रुझान की एक बड़ी वजह है प्राकृतिक उपचारों का साइड इफेक्ट से मुक्त होना और एलोपैथिक दवाओं के फायदों के साथ-साथ उनके खतरों को समझने की बढ़ती जागरूकता। हल्द्वानी स्थित आयुष अस्पताल और बेस अस्पताल में होम्योपैथी की ओपीडी में बढ़ती मरीजों की संख्या इस बात को साबित कर रही है। मरीजों का मानना है कि जहां एलोपैथी में स्टेरॉयड जैसी दवाएं तुरंत राहत देती हैं, वहीं लंबे समय में नुकसान पहुंचाती हैं। इसके उलट, आयुर्वेद और होम्योपैथी में धीरे-धीरे लेकिन स्थायी इलाज होता है। हल्द्वानी में आयुष अस्पताल करीब एक साल पहले खुला था। तब वहां रोज करीब 30 मरीज पहुंचते थे। लेकिन आज...
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