लखनऊ, जुलाई 2 -- प्रस्तावित सर्किल रेट की दरों ने अपने आशियाने सपना देखने वालों की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। इन्दिरा नगर, गोमती नगर जैसे पॉश इलाकों में वर्ष 2015 के मुकाबले लगभग दूने का अंतर आ गया है। सर्किल रेट की दरों में एक दशक से कोई बदलाव नहीं किया गया था। दूसरी ओर जमीनों का बाजार मूल्य आसमान छू रहा था। मुख्य सचिव ने हाल ही में इन तथ्यों को देखते हुए यूपी के सभी जिलाधिकारियों से सर्किल रेट की समीक्षा करने को कहा था। इसके पूर्व स्टाम्प एवं निबंधन विभाग की ओर से विस्तृत सर्वेक्षण किया गया था। इसके आधार पर ही नई दरें डीएम विशाख जी ने प्रस्तावित की हैं। इस बार जहां कई नए इलाकों को शामिल किया गया है, वहीं सड़क के आधार पर पुराने इलाकों में भी सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। गोमती नगर से लेकर नई विकसित हुई पिंटेल, अमरावती, वृंदावन ...
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