अलीगढ़, सितम्बर 28 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। अलीगढ़ के पिता-पुत्र की जोड़ी कवि अमर सिंह राही और भारत विभूषण साहित्यकार डॉ. अवनीश राही ने साहित्य जगत में ऐसा इतिहास रचा है, जिसने अलीगढ़ का नाम ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारत का गौरव विश्व-पटल पर आलौकित कर दिया है। उनकी संयुक्त साधना से सृजित 550 पृष्ठों का विराट भीम चरित मानस महाकाव्य प्रतिष्ठित गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है। डा. अवनीश ने बताया कि यह महाकाव्य असाधारण है, जिसमें 7 कांड, 75 अध्याय 36 लोक विधाएं व 206 पात्र हैं। इसमें भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म से लेकर संपूर्ण जीवन-संघर्ष और महापरिनिर्वाण तक का विस्तृत वृतांत समाहित है। इसकी सबसे विलक्षण विशेषता यह है कि इसमें छंद, सवैया, लावनी, चौबोला,कविता, बहरतब्बील, भजन, रागिनी,गीत, आल्हा, दोहा और संवाद जैसी लुप...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.