बिहारशरीफ, सितम्बर 15 -- पहले 8 तो अब 4 माह भी नहीं रहता है नालंदा की नदियों में पानी बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि नालंदा में छोटी-बड़ी 40 नदियां हैं। सभी बरसाती। अतिक्रमण के कारण अधिकांश नदियों का किनारा सिकुड़ता जा रहा है। गाद जमा होने और अवैध बालू खनन के कारण नदियों के स्वभाव पर प्रतिकूल असर साफ दिख रहा है। पहले जून-जुलाई में अच्छी बारिश होती थी तो नदियां लबालब भर जाती थीं। खरीफ की खेती के लिए सिंचाई की चिंता खत्म हो जाती थी। आधा मार्च तक नदियों की सतह पर पानी जमा रहता था तो रबी का पटवन भी सहज हो जाता था। परंतु, अब नदियों के आकार में बदलाव आने के कारण महज चार माह (बारिश के दिन) ही पानी का ठहराव हो पाता है। बारिश का शोर थमते ही नदियों से पानी भी खत्म होने लगता है। नालंदा की सभी नदियों का जलस्रोत पड़ोसी राज्य झारखंड से जुड़ा है। कोडरमा के...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.