दरभंगा, दिसम्बर 5 -- दरभंगा। लनामिवि के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के तत्वावधान में शुक्रवार को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इतिहास लेखन एवं चिंतन की प्रासंगिकता विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष प्रो. भोज नंदन प्रसाद सिंह ने कहा कि इतिहास केवल डेटा का संग्रह नहीं है, बल्कि मानव जीवन के हर पहलू को समझने की कला है। प्रो. सिंह ने कहा कि यह सभी विषयों की जननी है, क्योंकि प्रत्येक विषय समय और समाज से प्रभावित होता है। सार्थक इतिहास अध्ययन वही है, जो मानव को केवल मानव ही नहीं, बल्कि दैवीय संपदा से संपन्न जीव के रूप में देखने की दृष्टि दे। उन्होंने हिस्टोरिकल एम्पैथी की चर्चा करते हुए कहा कि इतिहास वही समझ सकता है जो दूसरों के सुख-दुख को महसूस करने की क्षमता रखता ह...