मुजफ्फरपुर, मई 19 -- मुजफ्फरपुर। उत्तर बिहार की आस माने जाने वाले एसकेएमसीएच में मरीज निराश और परिजन हताश हैं। इमरजेंसी में सातों दिन 24 घंटे इलाज के दावे का हाल यह है कि इतवार को डॉक्टर नहीं मिलते। भर्ती मरीजों ने बताया कि दर्द से कराहते रहते हैं, मगर कोई देखने वाला नहीं है। यहां सामान्य और सर्जिकल इमरजेंसी मिलाकर 70 बेड हैं, मगर 100 से अधिक मरीज हमेशा भर्ती रहते हैं। बेड के अभाव में जमीन पर लिटाकर गंभीर मरीजों का भी इलाज किया जाता है। हर दिन 30 से 40 मरीज जमीन पर लेटकर ही इलाज कराते हैं। कई बार मरीजों को स्लाइन की बोतल भी खुद ही पकड़नी पड़ती है। एसकेएमसीएच की इमरजेंसी में हर दिन 150 से 200 मरीज इलाज के लिए भर्ती होते हैं। मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती होने से लेकर इलाज में कई दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। आरोप लगाया कि कभी-कभी तीन-...
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