मुजफ्फरपुर, जुलाई 26 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। सूचना इकट्ठा करने की जटिल प्रक्रिया से इतने कम समय में मतदाता पुनरीक्षण का कार्य संभव नहीं है। ये बातें शनिवार को मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण अभियान 2025: चुनावी ईमानदारी और न्याय संगत प्रतिनिधित्व के रास्ते में बाधक विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में संविधान विशेषज्ञ एडवोकेट पटना हाईकोर्ट अरुण कुशवाहा ने कहीं। संगोष्ठी का आयोजन 'जागृत' बौद्धिक वैचारिक हस्तक्षेप के स्वतंत्र मंच के तत्वावधान में किया गया था। कैप्टन निषाद सभागार कच्ची पक्की में आयोजित संगोष्ठी में कुशवाहा ने कहा कि यदि उन्हें मताधिकार से वंचित किया जाता है तो उन्हें बीएलओ, राज्य चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त समेत तमाम पदाधिकारियों पर मुकदमे दर्ज करने चाहिए। न्यायपालिका का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक लाख बीस हजार वकीलों...
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