मुजफ्फरपुर, जुलाई 24 -- बिहार हर दिन लोग साइबर ठगी के शिकार हो रही है। ठगी के बाद पीड़ित अपनों के तानों से भी जूझ रहे हैं। शिक्षित होने के वावजूद साइबर ठगों का शिकार बन चुके लोगों को अपनों के बीच मजाक का पात्र बनना पड़ रहा है। साइबर ठगों पर कार्रवाई की बजाय अनुसंधान के नाम पर पुलिस केस दबाकर बैठ गई है। दूसरे प्रदेश में अनुसंधान के लिए टीम के नहीं निकलने के कारण कार्रवाई दबी हुई है। ठगी की रकम वापस नहीं होने पर ठगी के शिकार बने लोगों को घर-समाज के ताने सहने पड़ रहे हैं। इससे पीड़ितों में क्षोभ और गुस्सा बढ़ रहा है। अपने साथ हुई घटना का पछतावा अभी तक उनका पीछा नहीं छोड़ रही। इसे लेकर हर समय उनके भीतर कुछ टूटता रहता है। कुछ लोग घुटन के शिकार हैं तो कुछ नई लड़ाई लड़ रहे हैं।केस-1 कोमल कुमारी एक निजी कंपनी में बीओई हैं। सोशल मीडिया पर वर्क फ्र...
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