इटावा औरैया, जनवरी 16 -- नगर क्षेत्र के खटखटा बाबा मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा व्यास आचार्य कोकील पुष्प महाराज ने सती वियोग के पश्चात भगवान शिव के वैराग्य, तपस्या और माता पार्वती के साथ उनके पुनर्विवाह की कथा सुनाकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। आचार्य ने बताया कि माता सती के देह त्याग के बाद भगवान शंकर गहन विरक्ति में लीन हो गए थे, जिससे सृष्टि का संतुलन डगमगाने लगा। देवताओं के आग्रह पर हिमालय राज की पुत्री माता पार्वती ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव को पुनः गृहस्थ जीवन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिव-पार्वती विवाह त्याग, तप, समर्पण और आदर्श दांपत्य जीवन का प्रतीक है। कथा के दौरान "हर-हर महादेव" और "जय पार्वती माता" के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। कार्यक्रम में...