इटावा औरैया, फरवरी 7 -- क्षेत्र के ग्राम बरीपुरा में चल रही श्री मद्भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया। कथा आचार्य हरभजन दास महाराज ने महारास के पांच अध्यायों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि ये पांच अध्याय भागवत के पंच प्राण हैं। कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान और कंस वध का वर्णन किया गया। इसके साथ ही महर्षि सांदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करने का प्रसंग भी सुनाया गया। कालयवन वध और उद्धव-गोपी संवाद का भी उल्लेख हुआ। श्रीकृष्ण और रुक्मणी के विवाह की झांकी ने सभी भक्तों को आनंदित किया। आचार्य जी ने कहा कि जो भक्त ईश्वर प्रेम में आनंदित होते हैं और श्रीकृष्ण-रूक्मिणी के विवाह में शामिल होते हैं, उनकी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि महारास में भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वा...