इटावा औरैया, जनवरी 3 -- मौलाए कायनात हज़रत अली की पैदाइश के खुशनुमा मौके पर राहत अक़ील की ओर से शरीफ मंज़िल सैदबाड़ा में महफ़िल का आयोजन किया गया। महफ़िल में शायरों ने मौला अली की शान में बेहतरीन कलाम पेश किए। महफ़िल का शुभारंभ मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी इमामे जुमा ने कुरान पाक की तिलावत से करते हुए कहा मौला अली की पैदाइश काबे में हुई यह मर्तबा न किसी और को मिला है और न ही कयामत तक किसी को मिलेगा। इसी तरह खाने काबे पर अली के बाद खुतबा देने का मर्तबा मौला अब्बास को मिला। इसके अलावा काबे में खुतबा देने का किसी को मर्तबा नहीं मिला। सलीम रज़ा ने कहा रंजो अलम मिटाते हैं मौलाये कायनात, मुश्किल में काम आते हैं मौलाये कायनात। अख्तर अब्बास मोंटू ने कहा निशा दीवार का ये आज भी इकरार करता है, काबा टूटकर मौला अली से प्यार करता है। तनवीर हसन ने कहा अली अली है खुद...
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