इटावा औरैया, मई 27 -- वट अमावस्या का त्यौहार सोमवार को श्रद्धाभाव के साथ परंपरागत ढंग से मनाया गया। सुहागिनों ने व्रत रखकर वट पूजा करके परिक्रमा लगाई और अपने पति के दीर्घायु होने की कामना भी की। शहर में विभिन्न स्थानों पर लगे वट वृक्षों पर पूजन अर्चन का सिलसिला दोपहर 12:00 बजे के बाद शुरू हो गया था जो दोपहर 3 बजे के बाद तक चलता रहा। हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। अखंड सौभाग्य के लिए महिलाएं इस व्रत को करती हैं। प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ मास में कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन वट सावित्री का व्रत किया जाता है। इस दिन पूजन अर्चन व व्रत रखकर सुहागिने अपने पति की लंबी आयु की कामना भी करती है। यह व्रत देवी सावित्री को समर्पित किया जाता है। सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से बचाए थे इसलिए मान्यता है इस दिन व्रत करने से...
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