इटावा औरैया, नवम्बर 25 -- सेवा भारती के सेवा कार्यों के सहायतार्थ प्रदर्शनी पंडाल में हो रही रघुकुल नन्दन श्री राम कथा में भरत चरित सुनाया गया। आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि भरत के समान और उनके जैसा भाई सृष्टि में दूसरा नहीं हुआ जिनके लिए गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है, भरत सरिस को राम सनेही। जग जप राम राम जप जेही" , अर्थात सारा संसार राम जी को जपता है और स्वयं राम भरत का स्मरण करते रहते हैं। मानस में भी भरत जी को अनेक लोगो ने महिमा मंडित किया है। तीर्थराज प्रयाग ने कहा, "तात भरत तुम सब विधि साधू। राम चरण अनुराग अगाधू"। एक जगह राम स्वयं लक्ष्मण से कहते हैं, भरत जैसा पवित्र भाई संसार में कहीं नहीं मिल सकता। आचार्य ने कहा कि पिता की मृत्यु एवं बड़े भाई राम के वन गमन का समाचार मिलने पर भरत जी विह्वल हो गए और विलाप करने लगे। माता कैकेई को उन्हो...