इटावा औरैया, नवम्बर 18 -- मंगलवार को 1108 कुंडीय मृत्युंजय मां पीतांबरा महायज्ञ परिसर में पिछले आठ महीनों से अखंड रूप से प्रज्वलित पवित्र धूना और प्रधान कुंड से भक्तों को भभूति प्रदान की गई। यह वही धूना है जिसकी तपन, सुगंध और दिव्य ऊर्जा ने पूरे आयोजन काल में नगर की आध्यात्मिक चेतना को जागृत रखा। यज्ञ सम्राट रामदास महाराज ने कहा कि धूना से प्राप्त भभूति को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र, कल्याणकारी और रक्षक माना गया है-यह साधक के मन को स्थिर करती है, नकारात्मकता का शमन करती है और शरीरझ्रचेतना में शांति व ऊर्जा का संचार करती है। इसी प्रकार प्रधान कुंड की भभूति, जिसमें करोड़ों मंत्र व आहुतियों का दिव्य प्रभाव समाहित है, आशीर्वाद का वह स्वरूप है जिसे पाना अपने आप में एक अद्भुत सौभाग्य माना जाता है। सोमवार क रात्रि विशाल भंडारे के पश्चात परंपर...