इटावा औरैया, नवम्बर 24 -- सेवा भारती के सेवा कार्यों के सहायतार्थ प्रदर्शनी पंडाल में हो रही रघुकुल नन्दन श्रीराम कथा में आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान पाने को सच्चे मन से पुकारने की सीख दी। कहा कि भगवान को पाने के लिए उन्हें सच्चे हृदय से पुकारो और प्रतीक्षा करो तो भगवान एक दिन माता शबरी और अहिल्या की तरह आपके पास तक भी चलकर आयेंगे। महाराज श्री ने कहा कि हम सब भगवान से सांसारी वस्तुओं की ही कामनाएं करते रहते हैं, वे मिल भी जाती हैं, लेकिन भगवान नहीं मिलते। भगवान को पाने के लिए शबरी अहिल्या जैसी मन में ललक, प्यास जगानी होगी। इसके बाद भगवान राम भारद्वाज मुनि के पास गए तो उन्होंने भी यही कहा कि आज उनके सम्पूर्ण मनोरथ पूर्ण हो गए। उन्होंने चित्रकूट लीला का बहुत ही सुंदर व मार्मिक वर्णन किया। कथा के मुख्य यजमान मोहित दुबे एवं रूबी दुबे ब्लॉक ...