इटावा औरैया, जनवरी 19 -- बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत थाना परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बाल विवाह को समाज के लिए गंभीर अभिशाप बताते हुए इसके कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षिक विकास में बाधक है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है। अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से अपील की यदि कहीं भी बाल विवाह की तैयारी या आयोजन की सूचना मिले तो बिना संकोच तुरंत पुलिस या 1098 तथा संबंधित विभाग को जानकारी दें, ताकि समय रहते उसे रोका जा सके।

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