इटावा औरैया, फरवरी 20 -- लालपुरा स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर पर भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हो गया। मंदिर के सत्संग भवन में प्रवचन करते हुए कथा प्रवक्ता आचार्य साकेत बिहारी दीक्षित ने कहा कि भागवत महापुराण भगवान श्री कृष्ण का वांग्मय स्वरूप है, जिसका इस कलिकाल में श्रवण मात्र करने से जीव के मन का शुद्धिकरण होकर उसे आध्यात्मिक उन्नति, परम शांति और परमात्मा की प्राप्ति होती है। आचार्य साकेत ने कुंती स्तुति, भीष्म स्तुति, शुक आगमन तथा कपिल अवतार के प्रसंगों का तात्विक वर्णन किया और कहा कि जीवन में दुख आए तो परेशान नहीं होना उसे भी परमात्मा का प्रसाद मानकर स्वीकार करना तो एक दिन वह भी परम सुख में बदल जाएगा। माता कुंती ने तो श्रीकृष्ण से वरदान में दुख ही मांगा, ताकि सदैव भगवान की स्मृति और गुणगान होता रहे। मानस में गोस्वाम...