इटावा औरैया, मई 30 -- बिजली का निजीकरण किए जाने से लेकर बिजली विभाग के इंजीनियर व कर्मचारी खासे आक्रोशित हैं और इसे लेकर लंबे समय से आंदोलन भी चलाया जा रहा है। इस आंदोलन के तहत 29 मई से कार्य बहिष्कार किया जाना था। बाद में कार्य बहिष्कार को स्थगित कर दिया गया और 29 मई को पूरे दिन धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बिजली के निजीकरण के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के आह्वान पर यह आंदोलन जारी है। गुरुवार को सुबह अधीक्षण अभियंता के कार्यालय परिसर में सुबह करीब 10 बजे यह धरना प्रदर्शन शुरू हुआ और शाम तक चलता रहा। एसडीओ, जेई और बिजली कर्मचारी धरना प्रदर्शन पर बैठे और निजीकरण न किए जाने की मांग की। इसके साथ ही निजीकरण के विरोध में नारेबाजी की। बिजली विभाग के कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार निजीकरण करना चाहती है ...
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