इटावा औरैया, अक्टूबर 28 -- इटावा। संवाददाता छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य के दौरान यमुना नदी के किनारे लोक आस्था का सैलाब देखने को मिला। सोमवार को बिगड़े मौसम के बावजूद यहां बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने पहुंचकर अस्त होते प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। दरअसल यह छठ पूजा का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन परिवार के सभी सदस्य नदी किनारे जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रती इस दौरान प्रसाद सजाते हैं और कमर तक पानी में खड़े होकर परिक्रमा करते हैं। सोमवार को छठ पूजा के तीसरे दिन, शाम के समय डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए समर्पित है। छठ पूजा के तीसरे दिन की पूजा का बहुत महत्व है। इस दिन की पूजा की चीजों में एक बांस का सूप, एक गिलास, चम्मच, दूध और पानी के लिए तांबे का घड़ा, एक बड़ी...
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