इटावा औरैया, दिसम्बर 26 -- विद्यालयों को भी आवारा कुत्तों से सुरक्षित रखा जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपी गई है। पहले ऐसे विद्यालयों को चिन्हित किया जाएगा जहां इस तरह के कुत्ते हैं और फिर विद्यालयों में ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिससे यह आवारा कुत्ते विद्यालय परिसर की बाउंड्रीबाल और गेट आदि के आसपास ना जाएं। इससे विद्यालय सुरक्षित रहें और वहां पढ़ने के लिए आने वाली बच्चों को भी कोई खतरा न हो। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ राजेश कुमार की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि स्थानीय निकायों के माध्यम से दो सप्ताह में निराश्रित कुत्तों से प्रभावित विद्यालयों की पहचान कर ली जाए । इसके बाद 8 सप्ताह में यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि विद्यालय परिसर की बाउंड्रीबाल और गेट आदि कुत्तों की प्रवेश और आश्रय से पूरी तरह स...
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