इटावा औरैया, फरवरी 5 -- भारत सरकार के राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत संचालित सघन खोज अभियान के तहत यूपीयूएमएस टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। कुलपति डा. अजय सिंह के निर्देशन में विश्वविद्यालय के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी समुदाय स्तर तक पहुँचकर टीबी की पहचान और उपचार सुनिश्चित कर रहे हैं। इसी क्रम में हाल ही में एक 22 वर्षीय युवक जो कई दिनों से खून वाली खाँसी (हेमोप्टाइसिस) से पीड़ित था वह श्वसन रोग विभाग की ओपीडी में आया था। इससे पहले वह अन्य संस्थानों में उपचार करा चुका था, जहाँ टीबी की जाँच में उसे निगेटिव बताया गया और बीमारी का सही कारण सामने नहीं आ सका। लगातार लक्षण बने रहने पर यूपीयूएमएस के विशेषज्ञों ने उसे भर्ती कर गहन जाँच शुरू की। प्रारंभिक ट्रूनैट बलगम जाँच निगेटिव आने के...