गंगापार, जून 21 -- अचानक से आए मौसम में उतार चढ़ाव से क्षेत्र में सर्दी, जुकाम, बुखार के रोगियों की संख्या में काफी वृद्धि हो गई है। लगभग हर घर में दो चार लोग बीमार हैं। वहीं दूसरी तरफ शासकीय चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध न होने के चलते लोगों को इलाज के लिए झोलाछापों की मदद लेनी पड़ रही है। यह झोलाछाप डॉक्टर न सिर्फ रोगियों की जेब पर डाका डालने का काम कर रहे हैं बल्कि रोगियों को मौत के मुहाने तक पहुंचा दे रहे हैं। बताते चने की क्षेत्र में स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा कला और उप स्वास्थ्य केंद्र सिरहिर दोनों चिकित्सालय्यों में न तो डॉक्टर बैठते हैं और न ही जांच आदि की व्यवस्था ही उपलब्ध है, दवा मिलना तो लगभग सपना है। जिसके चलते इन स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले कई गांवों कोटर, रेंगा, चंद्रोदया हरवारी, पिपरहटा, बड्डिहा, लोहरा, क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.