नई दिल्ली, जून 17 -- इजरायल और ईरान आज एक दूसरे के जानी दुश्मन बने हुए हैं। इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों और सैन्य अड्डों को निशाना बनाया। इसके बाद ईरान ने ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए। इजरायल ने ईरान के कई सैन्य अधिकारियों को भी मारने का दावा किया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई को भी मारने का ऐलान कर दिया है। इजरायल का कहना है कि वह केवल अपने बचाव के लिए यह कार्रवाई कर रहा है। इजरायल का लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को असफल करना और उसकी ताकत को कम करना है। एक दूसरे के खून के प्यासे इजरायल और ईरान हमेशा ऐसे ही नहीं थे। 1948 में जब इजरायल अस्तित्व में आया था तब पश्चिम एशिया के ज्यादातर मुस्लिम देशों ने उसे मान्यता देने से इनकार कर दिया था। उस समय केवल ईरान और तुर्की ने ही इजरायल को एक राष्ट्र की मान्यता दे दी थी।...
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