चतरा, मार्च 3 -- सिमरिया, निज प्रतिनिधि। सिमरिया प्रखंड के इचाक खुर्द गांव में सामूहिक प्रयास से किए गए खेती ने किसानो की तकदीर बदल दी है। गांव के बीचो-बीच एक कृषक भूमि थी, जो फसल तैयार होने के बाद जानवरों द्वारा चर जाने के कारण लोग खेती करना बंद कर दिए थे। खेती बंद होने के बाद कई वर्ष से खेत परती रहने लगा था। इस बीच कृषकों ने सामूहिक प्रयास से तार की जाली से खेत को घेराबंदी कर सिंचाई की व्यवस्था कर दी। इस व्यवस्था के बाद परती खेतों में चारों ओर हरियाली छाई हुई है। अब किसान साल भर में खेत से तीन-तीन फसल उगा रहे हैं। जो खेत परती रहता था, आज उसमें फसल रूपी सोना उगल रहा है। किसान सुधीर सिंह ने बताया कि हम लोग सभी किसान सामूहिक रूप से घेराबंदी किए। इसमें आए खर्च को अपने-अपने जमीन की मापी कराकर खर्च के मुताबिक हिस्सा पड़ा। किसान अशोक सिंह ने बत...
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