शाहजहांपुर, अक्टूबर 10 -- मिर्जापुर, संवाददाता। मिर्जापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में बीती 29 सितम्बर को नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अब तक पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। सरकार जहां मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को सशक्त बनाने की बात करती है, वहीं पीड़िता और उसका परिवार न्याय की गुहार लगाते थाने और अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही से आरोपी बेखौफ घूम रहा है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है और महिला सुरक्षा के सरकारी दावे सवालों के घेरे में हैं। सूरज ढलता है तो गांव की पगडंडी पर सन्नाटा पसर जाता है। घर के कोने में सिमटी एक मां अपनी बेटी को देखती है, जो अब पहले जैसी नहीं रही। उसकी मासूम आंखों में डर है , शायद इस समाज से, शायद उस व्यवस्था से जिसने उसे सुरक्षा का वादा तो किया, पर न्याय नहीं दि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.