नई दिल्ली, दिसम्बर 8 -- भारत, रूस न्यूक्लियर रिश्ते और मजबूत करने पर सहमत हुए ऋतुराज बरुआ नई दिल्ली। भारत और रूस ने अपने सिविल न्यूक्लियर सहयोग को और मजबूत करने का फैसला किया है। यह फैसला रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हालिया भारत दौरे के दौरान लिया गया। दोनों देश एक नए न्यूक्लियर पावर प्लांट को मिलकर विकसित करने के लिए एक नई जगह खोजने पर बातचीत फिर से शुरू करेंगे। यह सहयोग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत ने 2047 तक अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। भारत और रूस के बीच क्या समझौते हुए? दोनों पक्ष रिएक्टर टेक्नोलॉजी, परमाणु उपकरणों के स्थानीय निर्माण, और संयुक्त विकास पर तकनीकी और वाणिज्यिक बातचीत तेज करेंगे। रूस पहले से ही तमिलनाडु में कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने में मदद कर रहा है। अब रूस इस...