नई दिल्ली, नवम्बर 28 -- अभिषेक झा, रोशन किशोर नई दिल्ली। देश में हाल ही में लागू किए गए श्रम कानून के बीच भारतीय श्रम बाजार की संरचना को समझना महत्वपूर्ण है। अभी ज्यादातर ध्यान नए लेबर कोड के समर्थक और विरोधियों के बीच बहस पर केंद्रित है। लेकिन भारतीय श्रम बाजार के उम्र के हिसाब से प्रोफाइल को देखना भी जरूरी है। आंकड़ों को देखने से पता चलता है कि पिछले वर्षों की तुलना में देश में वेतनभोगी नौकरियों की हिस्सेदारी बढ़ रही है। 13 से बढ़कर 24 फीसदी हुआ वेतनभोगी नौकरियों का हिस्सा भारत में हाल के दिनों में सैलरी वाली नौकरियों का हिस्सा बढ़ रहा है। 1993-94 के एम्प्लॉयमेंट अनएम्प्लॉयमेंट सर्वे (ईयूएस) में यह संख्या 13% थी, जबकि 2024 के पीएलएफएस में यह बढ़कर 22.4% हो गई है। यह सच है कि महामारी के व्यवधान के बाद इस रास्ते पर असर पड़ा, लेकिन हाल के ...