इंदौर, मार्च 19 -- मध्य प्रदेश के इंदौर,उज्जैन और मालवा के क्षेत्रों में लोग होली से ज्यादा रंग पंचमी को लेकर उत्सुक दिखते हैं। होली के पांच दिन बाद मनाए जाने वाले इस रंग उत्सव में क्या बच्चे, क्या बड़े और क्या बूढ़े,सब रंगों में सराबोर नजर आते हैं। यह अपने आप में एक ऐसा त्योहार है जो राज्य की सांस्कृतिक विरासत में गहराई से समाया यह त्योहार पूरे देश से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। आज हम इसके पीछे का इतिहास जानने की कोशिश करेंगे।ऐतिहासिक रूप से खास ऐतिहासिक रूप से रंग पंचमी की जड़ें इंदौर में होलकर राजवंश के युग में खोजी जा सकती हैं। इस दौरान,शाही संरक्षण ने एक साधारण त्योहार को शहरव्यापी उत्सव में बदल दिया था। राजाओं और स्थानीय सरदारों ने बड़े पैमाने पर उत्सवों को प्रोत्साहित किया,जिससे प्रतिष्ठित 'गैर जुलूस' जैसी परंपराओं का जन्म हु...
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